• कॉर्पोरेट प्रोफाइल

नया क्या है

ओएनजीसी विदेश लिमिटेड

ओएनजीसी विदेश लिमिटेड–भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए विश्व स्‍तर पर कार्यरत

परिचय

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रणाधीन भारत सरकार का एक मिनि रत्‍न अनुसूची 'क' केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम (सीपीएसई) ओएनजीसी विदेश ऑयल एण्ड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन लिमिटेड (ओएनजीसी), जो भारत की अग्रणी राष्‍ट्रीय तेल कंपनी (एनओसी) है,  की एक पूर्ण स्‍वामित्‍व वाली कंपनी और विदेशी स्‍कंध है । ओएनजीसी विदेश का प्राथमिक व्‍यवसाय तेल और गैस के अन्‍वेषण, विकास एवं उत्‍पादन सहित भारत के बाहर तेल और गैस के रकबों की संभावना तलाश करना है ।

ओएनजीसी विदेश का अधिनिगमन इराक में एक सेवा संपर्क आरंभ करने और इरान में रोस्‍तम और रक्ष का अन्‍वेषण एवं विकास करने के लिए 05 मार्च, 1965 को हाइड्रोकार्बन्‍स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के रूप में किया गया था। विदेश में ओएनजीसी की विशेषज्ञता के विपणन के मुख्‍य उद्देश्‍य से 15 जून, 1989 को ओएनजीसी विदेश लिमिटेड के रूप में इस कंपनी को पुन: नामित किया गया था। नब्‍बे के दशक में इस कंपनी को मिश्र, यमन, ट्यूनिशिया और वियतनाम में सीमित अन्‍वेषण क्रियाकलापों में लगा हुआ देखा गया ।

ओएनजीसी विदेश के रूप में अपने नए अवतार में कंपनी ने नब्‍बे के दशक के बीच में गुणवत्‍ता वाली विदेशी तेल और गैस परिसंपत्तियां अधिगृहीत करने पर अपने फोकस का अभिमुखीकरण किया । ओएनजीसी विदेश, जिसके पास वर्ष 2000 में एक परिसंपत्ति थी, ने गिने-चुने अंतर्राष्‍ट्रीय क्षेत्र में सर्वोत्‍तम रूप से प्रतियोगिता करने में सफलता प्राप्‍त की और उत्‍तरवर्ती वर्षों में पूरे विश्‍व में अनेक बड़े लेन-देनों को अंतिम रूप दिया। वर्तमान में ओएनजीसी विदेश के पास 16 देशों में 33 तेल और गैस परिसंपत्तियों में सहभागिता हित हैं और यह भारत के तेल तथा प्राकृतिक गैस के उत्‍पादन में क्रमश: 14.5% और 8% का योगदान करता है । आरक्षित भंडारों और उत्‍पादन के हिसाब से ओएनजीसी विदेश भारत की दूसरी सबसे बड़ी पेट्रोलियम कंपनी है । इसके बाद, केवल इसकी मूल कंपनी ओएनजीसी आती है । ओएनजीसी विदेश के तेल और गैस के प्रचालनों से 2002-03 में 0.252 एमएमटी ओ+ओईजी की तुलना में 2013-14 में 8.36 एमएमटी तेल एवं तेल समतुल्‍य गैस का उत्‍पादन किया । 31 मार्च, 2014 तक ओएनजीसी विदेश के विदेशी संचयी निवेश ने 22 बिलियन अमरीकी डालर से ऊपर चला गया था ।

परिसंपत्ति का वर्तमान पोर्टफोलियो

ओएनजीसी विदेश के पास 16 देशों में 33 तेल और गैस परियोजनाओं में स्‍टेक  है। ओएनजीसी विदेश एक संतुलित पोर्टफोलियो दृष्टिकोण अपनाती है और उत्‍पादन करने, खोज करने, अन्‍वेषण परिसंपत्तियों तथा पाइपलाइन परिसंपत्तियों का एक संयोजन बनाए रखता है। ओएनजीसी विदेश के पास 13 उत्‍पादनशील परिसंपत्तियां हैं, नामत: रूस (सखालिन-। और इम्‍पीरियल इनर्जी), सीरिया (अल-फुरत पेट्रोलियम कंपनी), वियतनाम (ब्‍लॉक 06.1), कोलंबिया (एमईसीएल), सूडान (ग्रेटर नील पेट्रोलियम ऑपरेटिंग कंपनी), दक्षिणी सूडान (ग्रेटर पायनियर ऑपरेटिंग कंपनी ऐड सूड पेट्रोलियम ऑपरेटिंग कंपनी), वेनेजुएला (सान क्रिस्‍टोबल), ब्राजील (बीसी-10), म्‍यांमार (ब्‍लॉक ए। और ब्‍लॉक ए3) और अजरबेजान (एसीजी) । 4 परिसंपत्तियाँ, जहाँ हाइड्रोकार्बन की खोज कर ली गई है, वे विकास के मूल चरणों में हैं, 14 परिसंपत्तियाँ अन्‍वेषण चरण के विभिन्‍न चरणों में हैं और 2 पाइपलाइन परियोजनाएँ तेल और गैस के परिवहन के लिए प्रचालन के अधीन हैं ।

ओएनजीसी विदेश ने 4 बिलियन अमरीकी डॉलर से अधिक का निवेश करके पिछले डेढ वर्ष में सफलतापूर्वक नए अधिग्रहण किए हैं, जिनमें निम्‍नलिखित शामिल हैं: (क) काला सागर (एसीजी) के अजरबेजान सेक्‍टर में गुनेशिल फील्‍डों के गहन जल भाग और अजेरी, चिराग में हेस कॉरपोरेशन के अधिग्रहण का 2.7213% सहभागिता हित और बाकू-त्बिलिसी-सेहान (बीटीसी) पाइपलाइन, जिसे मार्च, 2013 में पूरा किया गया था, में 2.36% हित, काला सागर में एसीजी विश्‍व की सबसे बड़ी तेल उत्‍पादक फील्‍डों में से एक है; (ख) ब्‍लॉक बीसी-10, जो दिसंबर, 2013 में कंपोस बेसिन, ब्राजील में एक गहन अपतट ब्‍लॉक है, में 12% अतिरिक्‍त सहभागिता हित का अधिग्रहण; (ग) जनवरी, 2014 में वीडियोकॉन से मोजाम्बिक में रोवुमा क्षेत्र 1 अपतट ब्‍लॉक में 6% सहभागिता हित का अधिग्रहण; (घ) फरवरी, 2014 में अनाडारको से उसी रोवुमा क्षेत्र 1 में प्रत्‍यक्ष 10% सहभागिता हित का अधिग्रहण। इनके अलावा, ओएनजीसी विदेश ने बंगला देश में दो छिछले जल ब्‍लॉक अधिगृहीत किए, नामत: ऑयल इंडिया लिमिटेड के साथ 50-50 कंसोर्टियम में एसएस-04 और एसएस-09 । ओएनजीसी विदेश लिमिटेड को म्‍यांमार अभितट बोलीकरण चक्र 2013 में दो अभितट ब्‍लॉक भी अवार्ड किए गए हैं, नामत: बी2 (जेबियुटांग-नानडाव) और ईपी-3 (थेगोन-श्‍वेगू)।

एक कॉरपोरेट मार्किट के रूप में सामाजिक जिम्‍मेदारी पूरी करना भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों की मूलभूत प्रकृति का एक भाग है। ओएनजीसी विदेश उन समुदायों और समाज, जहां यह प्रचालनरत है, के साथ सक्रिय रूप से शामिल होकर जिम्‍मेदार वैश्विक कॉरपोरेट नागरिक के रूप में प्रचालनरत है। ओएनजीसी विदेश पारस्‍परिक विश्‍वास और सम्‍मान पर सफल साझेदारी सृजित करके सकारात्‍मक और दीर्घकालिक सामाजिक प्रभाव सृजित करने और अंतत: ऐसे देशों, जहां यह कंपनी प्रचालन करती है, के समुदायों का जीवन स्‍तर और स्‍थायित्‍व का उन्‍नयन करने के प्रति कटिबद्ध है। ओएनजीसी विदेश अनेक तरीकों से मूल्‍यवान योगदान करती है अर्थात सरकार को कर राजस्‍व का भुगतान करने के जरिए, नागरिकों के लिए रोजगार के अवसरों में सुधार करके शिक्षा और प्रशिक्षण में निवेश करके; स्‍थानीय समुदाय को चिकित्‍सा/खेलकूद/कृषि संबंधी सुविधाएँ उपलब्‍ध कराकर ।

ओएनजीसी इस उद्योग में सर्वोत्‍तम कंपनियों के साथ प्रतियोगिता करके अत्‍यधिक प्रतिस्‍पर्धात्‍मक अंतर्राष्‍ट्रीय तेल और गैस सेक्‍टर में प्रचालन करती है। पिछले कुछ वर्षों में ओएनजीसी विदेश ने प्रचालनों के अपने क्षेत्र में अंतर्निहित सक्षमताएं और विशेषज्ञताएं निर्मित की हैं। ओएनजीसी विदेश ने, एक्‍सॉनमोबिल, ब्रिटिश पेट्रोलियम, शेल ईएनआई, टोटल, रेपसोल, स्‍टाटऑयल, शेवरॉन, पेट्रोब्रास, सोडेको, साकार, रोसनेफ्ट, देवू, काजमूनेगाज (केएमजी), पेट्रो वियतनाम, सीएनपीसी, सिनोपेक, पीडीवीएसए, पेट्रोनास, अनाडारको और इकोपेट्रोल सहित आईओसीज और एनओसीज के एक मेजबान के साथ मजबूत साझेदारी गठबंधन किया है। इसके पास उत्‍कृष्‍ट तकनीक और प्रबंधन सक्षमताओं वाला अत्‍यधिक कुशल मानव संसाधन है। इस कंपनी ने तेल और गैस परियोजनाओं के मूल्‍यांकन, व्‍याख्‍या, आर्थिक मॉडलिंग, फीड, डिजाइन और निष्‍पादन के लिए सुविधाएं निर्मित की हैं तथा यह ओएनजीसी से तकनीकी तथा मानव संसाधन सहायता का लाभ लेती है। ओएनजीसी विदेश ने उचित अध्‍यावसाय, तकनीकी-वाणिज्यिक मूल्‍यांकनों, बोली संबंधी वार्ताओं तथा लेन-देन संबंधी दस्‍तावेजीकरणों में अत्‍यधिक विशेषज्ञता विकसित की है।

ओएनजीसी विदेश ने तेल और गैस के अन्‍वेषण तथा उत्‍पादन संबंधी क्रियाकलापों में विदेशी सहभागिता के जरिए भारत की तेल एवं गैस सुरक्षा का समर्थन करने पर ध्‍यान केंद्रित किया है। उभरते उद्योग का परिदृश्‍य कंपनी के लिए पूर्व सूचना देता है क्‍योंकि यह एक अग्रणी नई बहुराष्‍ट्रीय तेल कंपनी (एनएमओसी) में शामिल है। एक एनएमओसी के रूप में यह कंपनी 2030 तक 60 एमएमटीओई उत्‍पादन का लक्ष्‍य रखते हुए स्‍वयं को एक मुख्‍य ओएनजीसी प्रगति वाहन बनने की स्थिति में ला रही है।

ओएनजीसी विदेश, इंडियन स्‍कूल और बिजनेस (आईएसबी), हैदराबाद और फंडाकाओ डोम कबराल (एफडीसी), ब्राजील द्वारा संयुक्‍त रूप से किए गए सर्वेक्षण के अनुसार ट्रांस नेशनेलिटी इंडेक्‍स (टीएनआई) के आधार पर भारत की सबसे बड़ी अंतर्राष्‍ट्रीयकृत कंपनी के रूप में उभर कर आई है।

अधिक विवरण के लिए www.ongcvidesh.com पर लॉग ऑन करें।