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नया क्या है

निदेशक (मा.सं.)

Director (Human Resource)
डी डी मिश्रा

श्री देश दीपक मिश्रा ने 01 अगस्‍त, 2014 को भारत के सबसे मूल्‍यवान सार्वजनिक क्षेत्रके उद्यम ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन लिमिटेड (ओएनजीसी) के निदेशक (मानव संसाधन) के रूप में पदभार ग्रहण किया। वह अपने साथमानव संसाधन के विविध पहलुओं में अनुभव का खजाना लाए।

लखनऊ विश्‍वविद्यालय से लोक प्रशासन में स्‍नातकोत्‍तर डिग्रीधारक श्री मिश्रा ने जनवरी, 1985 में ओएनजीसी में कार्यभार ग्रहण किया था। ओएनजीसी के बड़ौदा कार्यालय से अपना कॅरियर आरंभ करके, कार्य में उनका परिणामोन्‍मुखी और स्‍वत: अभिप्रेरित दृष्टिकोण की पहचान शीघ्र ही कर ली गई थी और इसके परिणामस्‍वरूप ओएनजीसी के निदेशक मंडल के तत्‍कालीन सदस्‍य (कार्मिक) के कार्यकारी सहायक के रूप में उन्‍हें देहरादून स्‍थानांतरित कर दिया गया। अपने कार्य में समृद्ध अनुभव, ओएनजीसी के विभिन्‍न क्षेत्रों – असम, तमिलनाडु, महाराष्‍ट्र और उत्‍तराखंड में अग्रणी मानव संसाधन दलों में प्राप्‍त अनुभव द्वारा पुष्‍ट किया गया। वह ‘वर्ष का युवा कार्यकारी’ पुरस्‍कार के प्राप्‍तकर्ता हैं और अल्‍पीकरण ग्रीनहाउस गैस उत्‍सर्जन के लिए ओएनजीसी के लिए ‘अर्थकेयर अवार्ड-2008’ प्राप्‍त करने में सहायक रहे हैं।

अपनी अंतर्निहित रचनात्‍मकता और मैत्रीपूर्ण स्‍वभाव के लिए प्रसिद्ध, श्री मिश्रा की रगों में कार्येत्‍तर उत्‍साह गहराई से दौड़ता है। वह एक सोम्‍य व्‍यक्ति हैं और वन्‍यजीव फोटोग्राफी उनका शौक है। उनके कैमरे ने अनेक खतरनाक जानवर जातियों को निकटता से अपने कैमरे में कैद किया है। इंडोनेशिया का कोमोडो ड्रैगन एक वर्तमान उदाहरण है। महाराष्‍ट्र की करजात पहाडि़योंकी जीव विविधता के उनके पार्श्‍वचित्र एक कॉफी टेबल बुक ‘करजात डायरीज’ के रूप में प्रकाशित किए गए हैं। उन्‍होंने, महाराष्‍ट्र के रायगढ़ जिले में उरान संयंत्र में अपने कार्यकाल के दौरान अनेक सामुदायिक कार्यक्रमों का पथ प्रदर्शन किया और उत्‍तराखंड में महाप्रबंधक – निगमित प्रशासन प्रमुख के रूप में समुदायों को ओएनजीसी के व्‍यवसाय के अनुसार ढालने में अग्रणी रहे। उन्‍हें 1988 में कंचनजंगा चोटी के प्रथम सिविल पर्वतारोहण के ‘समर्थन दल’ का एक भाग होने का दुर्लभ गौरव प्राप्‍त है। वह ‘ट्रांस-डेजर्ट सफारी 1995’, ओएनजीसी और बीएसएफ के बीच एक 14 दिवसीय संयुक्‍त उद्यम, जिसने भारत-पाकिस्‍तान सीमा के साथ-साथ ऊंटों पर रेगिस्‍तान पार किया, के उप-नेता थे।

संगठन के स्‍वप्‍न के साथ कर्मचारियों के हित पंक्तिबद्ध करने में विनियोजन की शक्ति में श्री मिश्रा का दृढ़ विश्‍वास है। ओएनजीसी के निदेशक (मानव संसाधन) के रूप में उनका मुख्‍य एजेंडा होगा – ऊर्जा कंपनी में तैनात 33000 से अधिक भू-वैज्ञानिकों, अभियंताओँ और प्रबंधकों का व्‍यावसायिक रूप से परिचालन करना।