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नया क्या है

CSR

Corporate Social Responsibility(CSR)

ओएनजीसी में नैगम सामाजिक उत्‍तरदायित्‍व

Corporate_Socialएक सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम के रूप में ओएनजीसी में नैगम सामाजिक जिम्मे्दारी की एक प्रशंसनीय पहल, सांस्थाानिक कार्यक्रमों और पद्धतियों की एक लंबी और उदार परंपरा है, जिसने देश के अनेक सुविधावंचित क्षेत्रों के विकास में एक प्रशंसनीय भूमिका निभाई है। स्थिर विकास का विज़न हमारे व्यावसाय संबंधी निर्णयों और हमारे नैगम सामाजिक उत्त रदायित्वव के कार्यों को उत्प्रेएरित करता है। हमारे सीएसआर क्रियाकलाप अनिवार्य रूप से भारत सरकार के लोक उद्यम विभाग और कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय द्वारा जारी किए गए दिशानिर्देशों के अनुसार परियोजना आधार दृष्टिकोण द्वारा मार्गदर्शित होते हैं। ओएनजीसी की सीएसआर पहलें, ओएनजीसी के निम्न‍लिखित 12 ध्यापन केंद्रित क्षेत्रों के अंतर्गत पहचान की गई अनेक नई परियोजनाओं के संस्था2पन के प्रारंभण और अनेक बड़े पैमाने की मुख्यई परियोजनाओं के प्रति अथक प्रतिबद्धता द्वारा जारी जाती हैं:

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  1. व्‍यावसायिक पाठ्यक्रमों सहित शिक्षा
  2. स्‍वास्‍थ्‍य सुरक्षा
  3. उद्यमिता (स्‍वयं सहायता एवं आजीविका सृजन) योजनाएं
  4. ओएनजीसी के प्रचालनात्‍मक क्षेत्रों के निकट अवसंरचना सहायता
  5. पर्यावरण संरक्षण, पारिस्थितिकीय संरक्षण, संवर्धन
  6. विरासत स्‍थलों, यूनेस्‍को के विरासत स्‍मारकों आदि का संरक्षण
  7. विरासत, कला एवं संस्‍कृति के संरक्षण के लिए कारीगरों, शिल्पियों, संगीतकारों, कलाकारों आदि को बढ़ावा देना
  8. महिला सशक्‍तीकरण, बालिका विकास, जेंडर संवेदीकरण परियोजनाएं
  9. भूमिगत जल पुनर्भरण सहित जल प्रबंधन
  10. शारीरिक और मानसिक रूप से विकलांग व्‍यक्तियों के लिए पहलें
  11. संगोष्ठियों, सम्‍मेलनों, कार्यशालाओं आदि का प्रायोजन
  12. खेलकूद/ खिलाडि़यों को प्रोत्‍साहित करने के लिए खेलकूद/ खिलाडि़यों, समर्थकारी एजेंसियों को बढ़ावा देना

Corporate_Social2ओएनजीसी अपनी तेल और गैस की खोज में दूरदराज के ग्रामीण स्थ लों तक जाता है और सुविधावंचित स्था नीय समुदायों के निरंतर संपर्क में है, जिसके परिणामस्वुरूप समुदाय के साथ बेहतर समझबूझ रहती है और इसके परिणामस्वणरूप समुदायों, जिनके जीवन को हम स्पऔर्श करते हैं, के प्रति जिम्मेसदारी तथा जवाबदेही की भावना में वृद्धि होती है। उद्देश्यों् का एक सुपरिभाषित सेट, स्प ष्ट रूप से पता लगाए गए लाभग्राही, कार्यनीति और परियोजना संबंधी क्रियाकलाप, परिणाम प्राप्तर करने के लिए आरंभ की गई सीएसआर परियोजनाओं की विशेषताएं हैं। प्रश्नापधीन समुदायों के लिए दीर्घावधि, स्थिर लाभ, वर्ष के दौरान आरंभ की गई प्रमुख सीएसआर परियोजनाएं नीचे सूचीबद्ध की गई हैं:


Corporate_Social31. वरिष्ठ जन स्वाघस्य्श सेवा अभियान : ओएनजीसी हेल्प ऐज इंडिया के साथ सचल स्वा्स्य््व सुरक्षा इकाइयों के जरिए वृद्धजन व्य क्तियों को उनके दरवाजे पर ही स्वाोस्य् श सेवा देने का अपना प्रयास जारी रखे हुए है। 2011-12 में 20 सचल चिकित्साव सुरक्षा इकाइयां शुरू की गई थीं और पूरे आठ राज्योंह तथा एक संघ शासित प्रदेश में लगभग 1.9 लाख उपचार किए गए थे।

2. ओएनजीसी – जीआईसीईआईटी कंप्यू टर सेंटर : इस पहल के अंतर्गत कार्यान्वएयन करने वाला साझेदार भारतीय विद्या भवन पांच कंप्यूहटर सेंटर चलाता है, जो ओएनजीसी के भिन्नद-भिन्न प्रचालनात्मरक क्षेत्रों में सुविधावंचित युवाओं को रोज़गार आधारित कंप्यूिटर प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है। 2011-12 में 1400 से अधिक छात्रों ने इन केंद्रों के जरिए नि:शुल्कं नियोजनीयता प्रशिक्षण प्राप्त् किया है।

Corporate_Social43. परियोजना उत्केर्ष – शिवसागर में आजीविका परियोजना : 2011-12 में आरंभ की गई इस परियोजना में पर्याप्तं अग्रवर्ती और पश्चयवर्ती संबंध स्थाआपित करते हुए भेड़पालन, सूकरपालन, मशरूम खेती आदि जैसे व्यावसायों में वृद्धजनों को प्रशिक्षण और आयसृजन के लिए संबंधों के साथ-साथ सिलाई, खिलौना बनाने जैसे कौशलों में महिलाओं को प्रशिक्षण के जरिए एक वर्ष में 400 परिवारों के लिए आजीविका प्रदान की गई है।

4. हरित मोक्ष : मोक्षदा पर्यावरण एवं वन सुरक्षा समिति (मोक्षदा पीईवीएसएस) के साथ इस इस अनूठे सीएसआर उद्यम के परिणामस्वसरूप मोक्ष ग्रीन, अंत्येइष्टि प्रणाली (एमजीसीएस) नामक एक प्रणाली से ऊर्जा दक्ष और पर्यावरण-अनुकूल लकड़ी आधारित अंत्ये ष्टि का विकास किया गया है, जो एक महत्व पूर्ण तरीके से वायु और जल संबंधी प्रदूषण को न्यूहनतम करने के अलावा, 60 प्रतिशत तक लकड़ी की खपत करने में समर्थ है। अब वड़ोदरा, काम्बेर, अहमदाबाद और दिल्ली् के शहरों में इस प्रकार की 10 एमजीसीएस इकाइयां हैं।

Corporate_Social55. ओएनजीसी – एनएसटीएफडीसी हथकरघा प्रशिक्षण : इस सीएसआर परियोजना का उद्देश्य– आर्थिक रूप से सीमांतक जनजातीय जनता के लिए क्लयस्टेर विकास को सुसाध्य बनाने हेतु असम में महिला जनजातीय हथकरघा कारीगरों को आर्थिक रूप से सशक्तस बनाना था। 2011-12 में लगभग 100 जनजातीय हथकरघा कारीगरों को मास्टार शिल्पियों द्वारा उन्न त करघों में 'ऑन दॅ जॉब ट्रेनिंग' उपलब्धो कराई गई थी, जिसमें व्या पक बाज़ारों की आवश्य कता की पूर्ति करने के लिए जटिल डिजाइनों में प्रशिक्षण शामिल है।

6. ओएनजीसी – काजीरंगा राष्ट्री य उद्यान में ओएनजीसी-पूर्वी काला हिरण संरक्षण परियोजना : इस परियोजना का उद्देश्यन पूर्वी काला हिरण की प्रजाति को सफलतापूर्वक संरक्षित करना है। प्रजातियों और पर्यावास, विकासशील कठोर संरक्षण कार्रवाई पहल को समझते हुए, जो प्रजातियों और पर्यावास को संरक्षित रखने के लिए अतिरिक्तह क्षेत्रों में प्रजातियों को ले जाने की संभावना की जांच कर सकती है और विलोप की रोकथाम कर सकती है, महत्वीपूर्ण परियोजना क्रियाकलाप होंगे। यह परियोजना प्रथम चरण वाली है, जिसमें प्रजातियों पर सूचना का एकत्रीकरण शामिल है।

7. ओएनजीसी अस्प्ताल : ओएनजीसी शिवसागर, असम और अंकलेश्वोर, गुजरात में अतिविशिष्टपता अस्प:ताल और लखीमपुर खीरी, उत्तंर प्रदेश में एक सामुदायिक अस्पजताल स्था पित करेगा।